मेवाड़ के 76 वें वंशधर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ के 76 वें जन्मदिवस पर सादर समर्पित

मेवाड़ के 76 वें वंशधर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ के 76 वें जन्मदिवस पर सादर समर्पित
Arvind Singh Mewar - Birthday

अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, सिटी पैलेस, उदयपुर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। आप अच्छे खिलाड़ी, पायलट, शिक्षित, कुशाग्र दिमाग, चिन्तनशील तथा सारभूत अध्ययन एवं चिन्तन-मनन कर उसे प्रभावशाली तरीके से लिपिबद् करने अनेक खूबियों के धनी है।
हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं पर श्रीजी की समान दक्षता है। हिन्दी-अंग्रेज़ी साहित्य, इतिहास तथा संस्कृति विषयक पुस्तकों में आपकी विशेष रुचि है। इसी कारण स्थानीय स्तर से लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक सभी प्रकार की संगोष्ठी व सभा में आप अपने गहन ज्ञान की छाप छोड़ते है।

महाराणा साहिब भगवत सिंह जी मेवाड़ ने श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ को पन्द्रह सौ वर्ष पुरानी विरासत के संरक्षण-संचालन के साथ मेवाड़ की गौरवशाली वंश परम्पराओं के निर्वहन का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा था। श्रीजी हुज़ूर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी के रूप में मेवाड़ वंश के कत्र्तव्यों का निर्वहन कर अपना दायित्व निभा रहे हैं तथा एच.आर.एच. ग्रुप आॅफ होटल्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में रोजगार युक्त व्यवसायिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ा रहे है।

1984 के बाद जब श्रीजी ने सिटी पैलेस संग्रहालय को अपनी देखरेख में लिया तब संग्रहालय अपनी शैशवावस्था में था। प्रस्तावित अधिनियमों के अनुरूप अपने पूज्य पिताश्री द्वारा सौंपी गई महत्वपूर्ण विरासत का संवर्द्धन व इतने विशाल परिसर की देखभाल और रखरखाव का कार्य दृढ़-संकल्प के साथ आरंभ किया। आपने कत्र्तव्यों के प्रति समर्पण, नेतृत्व क्षमता, प्रबंधकीय कौशल से विरासत संरक्षण के क्षेत्र में ऐसे कीर्ति मान स्थापित किए है जिससे आलोचकों के मुंह बन्द हो गए और प्रशंसकों के पास अपने वर्णन के लिए शब्दों की कमी हो गई। श्रीजी ने पुरखों की विरासत को नव्य-भव्य स्वरूप प्रदान कर भावी पीढ़ी के लिए इन्हें अक्षुण्णता के शिखर पर पहुंचाया है। श्रीजी हुज़ूर मेवाड़ की जीवंत विरासत के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं।

मैं, श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ को तब से जानता हूँ जब हम मेयो काॅलेज अजमेर में एक साथ अध्ययन करते थे, वे मेरे जूनियर थे। चाय की जेम्स फिनले एंड क ंपनी के बाद मैंने टाटा टी में लगभग 34वर्षों से अधिक अपनी सेवाएं प्रदान की एवं सेवानिवृत्ति के पश्चात पुनः श्रीजी हुजूर के सम्पर्क में आया। 1995 में मुझे महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन में कार्य करने का सौभाग्य मिला। मैंने श्रीजी हुजूर से न केवल प्रशासनिक कार्य बल्कि मानवीय मूल्यों और दया के भावों को सीखा है। श्रीजी सभी के साथ बिना किसी भेदभाव के समान व्यवहार रखकर मिलते हैं, यही श्रीजी की महानता है और सही मायने में वे एक महान शिक्षक भी है।

भूपेन्द्र सिंह आउवा
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन
सिटी पेलेस, उदयपुर

Few Famous Videos of Shriji on Youtube

Interviewed By: Yash Sharma
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