कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक’नो मास्क, नो एन्ट्री’ के संकल्प की पालना हम सब की जिम्मेदारी-मुख्यमंत्री
जयपुर, 15 सितम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि सभी लोग सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, बाजारों, कार्यस्थलों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिवहन के साधनों, सामाजिक आयोजनों आदि में पर ’नो मास्क, नो एन्ट्री’ का संकल्प लें और स्वयं ही इसकी पालना सुनिश्चित करें। कोरोना संक्रमण से बचाव केे लिए यह सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि आज ’कोरोना जागरूकता संवाद के दौरान’ देश के विख्यात चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी यही संदेश दिया है। विभिन्न सामाजिक, सामुदायिक और जन संगठनों को इस संकल्प को निभाने के अभियान का नेतृत्व करना चाहिए।
श्री गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थिति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस महामारी में खुद की रक्षा करने से ही औरों की रक्षा संभव है। लेकिन एक संक्रमित व्यक्ति बड़ी संख्या में अन्य लोगों की जान को जोखिम में भी डाल सकता है। ऎसे में, कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में सभी लोग मिलकर ही कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कम-से-कम आगामी 4 सप्ताह तक ’नो मास्क, नो एन्ट्री’ के संकल्प को पूरी ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया।
हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना की जिम्मेदारी पुलिस के साथ अन्य विभागों की भी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनने, उचित दूरी रखने और अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल की प्रभावी अनुपालना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करेंंंं। उन्होंने कहा कि हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करवाने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ अन्य विभागों को भी दी गई है। ऎसे में सभी अधिकारी आवश्यक रूप से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने बढ़ते संक्रमण की स्थिति में आगामी दिनों के लिए एक लाख बेड की उपलब्धता की तैयारी करने के निर्देश दिए।
अनलॉक के दौरान अनुमत गतिविधियों की समय-समय पर समीक्षा करें
श्री गहलोत ने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी अनलॉक दौरान अनुमत गतिविधियों की समय-समय पर समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी गतिविधि से कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा नहीं हो। यदि किसी गतिविधि से कोरोना वायरस के फैलने की आशंका बढ़ती है, तो आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने 21 सितंबर से प्रदेशभर में पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजनों में उपस्थिति की सीमा 50 ही रखने और उसमें मास्क पहनने तथा उचित दूरी के नियम की कड़ाई से पालना के निर्देश दिए।
’पंचायत चुनावों में अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी होंगे’
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि राज्य मंश निजी अस्पतालों तथा प्रयोगशालाओं में कोरोना की जांच की दर प्रति सैम्पल 2200 रूपये से घटाकर 1200 रूपये कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला कलेक्टर तथा उपखण्ड अधिकारी प्रदेश में आगामी दिनों में प्रस्तावित पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए अभ्यर्थियों, उनके एजेन्टों तथा समर्थकों आदि के लिए भीड़ नहीं करने, मास्क पहनने जैसे हैल्थ प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करें।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक श्री भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया, आयुक्त सूचना एवं जनसम्पर्क श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Related Posts
1 अक्टूबर से बदल जाएंगे ये नियम, जो आपकी जेब खर्च पर डालेंगे सीधा असर
कोरोना महामारी के बीच कई नये नियम लागू किए गए, जिन्हें कई बार बदला गया। एक अक्टूबर से कई नियम और चीजें बदलने वाली हैं जिसका सीधा असर आप पर होगा। आम आदमी के रोजमर्रा की कई चीजें बदल जाएंगी।
Meeting of Range Countries to strengthen conservation efforts for migratory birds and their habitats in the Central Asian Flyway (CAF)
The Ministry of Environment, Forest and Climate Change in collaboration with the United Nations Environment Programme/ Convention on…
कोरोना संक्रमण को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाए, जागरूकता अभियान का मोमेंटम बरकरार रखें -मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि त्यौहारी सीजन एवं सर्दी के मौसम को देखते हुए कोविड-19 को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को कोरोना संक्रमण रोकने में पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।