कृषि से जुड़े विभागों की समूहवार समीक्षा बैठक प्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर नवाचार करे कृषि विभागः मुख्यमंत्री

कृषि से जुड़े विभागों की समूहवार समीक्षा बैठकप्रगतिशील किसानों के साथ मिलकर नवाचार करे कृषि विभागः मुख्यमंत्री
जयपुर, 14 सितम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में कृषि को किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रगतिशील कृषकों के साथ मिलकर नवाचार करने, जैविक तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, भौगोलिक परिस्थितियों और जलवायु के आधार पर शोध कर फसल उत्पादन की सलाह देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए कृषि उच्च प्राथमिकता का विषय है, क्योंकि इस क्षेत्र के विकास से ही प्रदेश और देश की तरक्की को गति मिलती है। 


श्री गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कृषि तथा इससे जुड़े विभिन्न विभागों की समूहवार समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का कवरेज बढ़ाने, फसल बीमा योजना को तर्कसंगत बनाने, कम पानी वाली फसलों एवं बूंद-बूंद सिंचाई और फव्वारा सिंचाई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। कृषक कल्याण कोष से फसल बीमा के लिए 250 करोड़ रूपये और डिग्गियों के लिए 92.2 करोड़ रूपये की स्वीकृतमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम के रूप में बीमा कम्पनियों को देय राज्यांश के लिए 250 करोड़ रूपये का भुगतान राज्य सरकार द्वारा गठित कृषक कल्याण कोष से करने का निर्णय लिया। साथ ही, प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिग्गी निर्माण के बकाया दायित्वों के भुगतान के लिए कृषक कल्याण कोष से 92.2 करोड़ रूपये की राशि भी स्वीकृत की। इन स्वीकृतियों के बाद फसल बीमा कम्पनियों को प्रीमियम तथा किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए अनुदान का भुगतान जल्द से जल्द हो सकेगा।


स्टाम्प ड्यूटी अधिभार का 50 प्रतिशत गौ संवर्धन एवं संरक्षण पर खर्च होगाश्री गहलोत ने स्टाम्प ड्यूटी पर देय 20 प्रतिशत अधिभार का 50 प्रतिशत हिस्सा प्रदेशभर में संचालित गौशालाओं को गायों के संरक्षण तथा गौ-वंश के संवर्धन के लिए अनुदान के रूप में देने का निर्णय भी लिया। विगत दिनों प्रदेशभर के गौशाला संचालकों तथा गौ-वंश प्रेमियों द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन आदि भेजकर इसके लिए मांग करने पर श्री गहलोेत ने यह संवेदनशील निर्णय लिया है। 
गौरतलब है कि पूर्व में गायों के संरक्षण तथा गौ-वंश के संवर्धन के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर 10 प्रतिशत अधिभार देय था। विश्वव्यापी कोविड-19 महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत विगत दिनों स्टाम्प ड्यूटी पर अधिभार को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया। साथ ही, अधिभार से प्राप्त राशि का उपयोग प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं सूखा, बाढ़, महामारी, लोक स्वास्थ्य की तात्कालिक जरूरतों, आगजनी आदि के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाना भी प्रस्तावित किया गया। अब स्टाम्प ड्यूटी पर कुल 20 प्रतिशत अधिभार का आधा हिस्सा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ही व्यय करने के निर्णय से गौ-वंश के संरक्षण के लिए पूर्ववत ही फण्ड उपलब्ध रहेगा।

इसके अतिरिक्त, अधिभार की शेष राशि का उपयोग विभिन्न आपदाओं एवं लोक स्वास्थ्य की तात्कालिक जरूरतों, आगजनी आदि की परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने के लिए भी किया जा सकेगा। समीक्षा बैठक में प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग, किसानों के लिए विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीजों की उपलब्धता, कृषकों को नवाचारों के लिए प्रशिक्षण देने एवं प्रोत्साहित करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विकल्प, किसानों से फसल उत्पादों की एमएसपी पर खरीद, कृषि प्रसंस्करण और विपणन में नवाचार, जीरो बजट प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती, कृषि शिक्षा, उद्यानिकी में बूंद-बूंद तथा फव्वारा सिंचाई पद्धति के महत्व, प्रदेश में फलों और फूलों के उत्पादन को प्रोत्साहन देने तथा केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कृषि से जुड़े तीन अधिनियमों आदि विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बजट घोषणा के तहत ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग के लिए किसान पोर्टल के माध्यम से किसानों को मिलेंगी ऑनलाइन सुविधाएं प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री कुंजीलाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही राज किसान पोर्टल तैयार किया जाएगा।

राज्य बजट में घोषित ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग के क्रम में  विभिन्न योजनाओं एवं अनुदानों का लाभ लेने के लिए प्रदेश के किसान इस पोर्टल के माध्यम ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे योजनाओं का लाभ लेने में किसानों को आ रही परेशानियों का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान हो सकेगा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी और कृषि विपणन विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं एवं केन्द्रीय परिवर्तित योजनाओं की प्रगति, बजट घोषणाओं, जन घोषणा-पत्र एवं मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न अवसरों पर की गई घोषणाओं की क्रियान्विति की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही, कृषि एवं इसकी गतिविधियों से जुड़े विभागों की आगामी तीन माह की प्राथमिकताओं से भी अवगत कराया।  इस दौरान कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया, गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री श्री सुखराम विश्नोई, सहकारिता राज्यमंत्री श्री टीकाराम जूली, कृषि एवं पशुपालन राज्यमंत्री श्री भजनलाल जाटव, मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, शासन सचिव पंचायती राज श्री सिद्धार्थ महाजन, शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री हेमन्त गेरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।

Total
0
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous Post

Covid-19: ‘बहुरूपिया’ कोरोना का नया खतरनाक रूप, डेंगू की तरह अचानक गिर रहीं प्लेटलेट्स

Next Post

Indian and U.S. Defense Delegations conduct Virtual Discussion on Defense Cooperation

Related Posts

Parle decides to boycott certain poisonous news channels

Parle Products has decided that the company will not advertise on news channels that broadcast toxic content. The report quotes Krishnarao Buddha the Senior Category Head of Marketing at Parle Products to say that the company is also exploring possibilities that would see other advertisers come together to create a restrain that would in turn prompt channels to improve their content.
Read More
Total
0
Share