टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक के लिए एथलीट्स की अगली ट्रेनिंग की शुरुआत 5 अक्टूबर से प्रारम्भ

भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) ने ‘खेलो इंडिया फिर से’ के अगले चरण के लिए कदम बढ़ाते हुए देश भर में एसएआई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) में टोक्यो ओलंपिक के लिए तैयारी करने वाले पैरा-एथलीटों एवं एथलीटों के लिए खेल गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से सुचारु करने का निर्णय लिया है।

जून के आरंभ में पहले चरण के तहत एसएआई ने विभिन्न एसएआई केंद्रों पर केवल ओलंपिक की तैयारी करने वाले एथलीटों के लिए प्रशिक्षण शुरू किया था क्योंकि एसएआई के पास निजी बुनियादी ढांचा है जहां हमारे राष्ट्रीय एथलीटों की कोविड-19 से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। अगले चरण के तहत एनसीओई में टोक्यो ओलंपिक के लिए पैरा-एथलीटों एवं एथलीटों के लिए खेल गतिविधियों को (2024 पेरिस ओलंपिक और 2022 एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों पर ध्यान देने के साथ) सुचारु बनाने की योजना बनाई गई हैं। इसमें नौ प्रतिस्‍पर्धाओं को शामिल किया जाएगा जिनमें पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-पावरलिफ्टिंग, पैरा-शूटिंग, पैरा-तीरंदाजी, साइकिलिंग, हॉकी, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, कुश्ती, जूडो, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी और तलवारबाजी शामिल हैं। इसका आयोजन केवल एसएआई के क्षेत्रीय केंद्रों पर आवासीय सुविधाओं के साथ किया जा रहा है ताकि एथलीटों के लिए कोविड संक्रमण का कोई खतरा न रहे। यह निर्णय विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस बात पर विशेष ध्‍यान दिया गया है कि टोक्यो 2020(21) के आयोजन में एक साल से भी कम समय रह गया है और ऐसे में हमारे एथलीटों को कोविड के जोखिम में नहीं डाला जा सकता है।

एथलीटों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्‍वारंटीन प्रोटोकॉल, एसएआई एसओपी और राज्य कोविड एसओपी सहित तमाम सुरक्षा मानदंडों का सख्‍ती से अनुपालन करने निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि समान प्रतिस्‍पर्धा वाले एथलीटों को भी बैचों में खेल गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। खेल गतिविधियों को सुचारु करने के लिए पहले चरण की शुरुआत 5 अक्टूबर, 2020 से होने की संभावना है।

एसएआई ने एनसीओई में प्रशिक्षुओं के बीच वायरस के संक्रमण के किसी भी जोखिम को दूर करने के लिए क्षेत्रीय केंद्रों को बायो-बबल (जोनिंग) बनाए रखने का भी निर्देश दिया है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि एथलीटों के प्रशिक्षण में शामिल होने वाले कोच, सपोर्ट स्टाफ को भी एनसीओई में ही रखा जाएगा ताकि सभी एथलीटों की सुरक्षा के लिए बायो-बबल की अखंडता को बनाए रखा जा सके।

एसएआई ने स्‍पोर्ट्स से भी एथलीटों का समर्थन करने का भी फैसला किया है जहां एसएआई के पास निजी आवासीय बुनियादी ढांचा उपलब्‍ध नहीं है। यदि वे ‘प्‍ले एंड स्‍टे’ के तहत प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्‍ध कराते हैं और यदि वहां का प्रशासन, कोच एवं एथलीट कोविड-19 के खिलाफ सभी उपयुक्‍त एहतियात बरतने की जिम्‍मेदारी लेते हैं तो ऐसा किया जा सकता है।

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