50 हजार निजी स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासें कीं बंद

राजस्थान में शिक्षा विभाग के फीस कटौती के आदेश के विरोध में फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान के आह्वान पर गुरुवार से प्रदेश के 50 हजार निजी स्कूल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसी के साथ इन स्कूलों में अब ऑनलाइन क्लासें भी बंद कर दी गईं। निजी स्कूल संचालक संयुक्त रूप से 28 अक्टूबर को निकाले गए 40% तक फीस कटौती के आदेश का विरोध कर रहे हैं। बंद के समर्थन में फोरम के बैनर तले स्कूल संचालक व शिक्षक-कर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। उन्होंने कहा- फीस नहीं आने से इन स्कूलों में कार्यरत 11 लाख से अधिक शिक्षक-कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है। हमने सरकार को अपनी मांगों से अवगत करा दिया है। उम्मीद है कि सरकार ध्यान देगी। इस दौरान फोरम के संदीप बक्शी, अनिल शर्मा, हेमलता शर्मा, अमित सोगानी सहित बड़ी संख्या में स्कूल संचालक मौजूद रहे।

विवाद की वजह, 40% तक फीस कटौती का आदेश

सरकार ने 9 अप्रैल और 7 जुलाई को आदेश जारी कर स्कूल खुलने तक फीस वसूली पर रोक लगा दी थी। विरोध में निजी स्कूल कोर्ट चले गए। कोर्ट ने 7 सितंबर को ट्यूशन फीस का 70% लेने के आदेश जारी कर दिए। शिक्षा विभाग ने 28 अक्टूबर को आदेश दिया कि सीबीएसई की फीस में 30% और राजस्थान बोर्ड में 40% कटौती करें।

Total
0
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous Post

दिवाली के 4 दिन पहले पता चलेगा आप पटाखा चला सकते हैं या नहीं 10 नवंबर तक सुनवाई टली

Next Post

रूस में रिकॉर्ड 20 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले; अमेरिका में 24 घंटे में 1.16 लाख केस; यूरोप में हालात खराब

Related Posts

प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद में वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्यम से ‘केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन’ का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अहमदाबाद में ‘केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस सम्मेलन का आयोजन सबका प्रयास का एक स्पष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा, “21वीं सदी के भारत के विकास में विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमें हर क्षेत्र के विकास को, हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है तो उसमें भारत की साइंस और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका बहुत अहम है। ऐसे में प्रशासन और नीति निर्माण में लोगों की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है।” प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि समाधान का, सॉल्यूशन का, इवोल्यूशन का और इनोवेशन का आधार विज्ञान ही है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इतिहास से सबक सीख सकते हैं और यह केंद्र और राज्यों दोनों की मदद करेगा। श्री मोदी ने कहा कि अगर हम पिछली शताब्दी के शुरुआती दशकों को याद करें तो पाते हैं कि दुनिया में किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर में भी बात चाहे ईस्ट की हो या वेस्ट की, हर जगह के साइंटिस्ट अपनी महान खोज में लगे हुए थे। पश्चिम में आइंस्टीन, फरमी, मैक्स प्लांक, नील्स बोर,…
Read More
Total
0
Share