उदयपुर में Wrong-Side ड्राइविंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है और अब यह नागरिकों तथा स्थानीय संगठनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। शहर में कई स्थानों पर ऐसे वाहन नियमित रूप से विपरीत दिशा में चलते दिखाई देते हैं, जिससे हादसों की संभावनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इसी मुद्दे को सामने रखते हुए नागरिक समूह “Reform Rajasthan” ने समाज और प्रशासन दोनों को इस दिशा में कदम उठाने के लिए जागरूक किया है। समूह ने शहर के प्रमुख मीडिया संस्थानों को ईमेल भेजकर अनुरोध किया है कि इस मामले को सिर्फ समाचार के रूप में नहीं बल्कि जनहित और सड़क सुरक्षा के अभियान के रूप में उठाया जाए।
Reform Rajasthan के अनुसार उदयपुर में VIP कॉलोनी फ्लाईओवर, प्रतापनगर चौराहा, एकलिंगपुरा चौराहा और नए रिंग रोड जैसे क्षेत्रों में Wrong-Side ड्राइविंग की घटनाएँ रोजाना देखी जा सकती हैं।
समूह का कहना है कि भारत के कई शहरों में इस समस्या को आधुनिक तकनीक और Zero-Tolerance Enforcement के जरिए नियंत्रित किया जा चुका है। इनमें शामिल हैं:
ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे
स्मार्ट बैरिकेड्स
टायर-किलर स्पाइक्स
सख्त चालान और निगरानी
Reform Rajasthan का मानना है कि उदयपुर में भी ऐसी स्थाई व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि सड़क सुरक्षा केवल पालन करने योग्य नियम न रहकर नागरिकों की आदत और जिम्मेदारी बन सके।
इसी संदर्भ में समूह ने मुख्यमंत्री राजस्थान से लेकर जिला कलेक्टर उदयपुर तक, सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को भी औपचारिक अनुरोध भेजा है।
समूह का मानना है कि मीडिया समाज में व्यवहारिक बदलाव की एक प्रभावशाली शक्ति है, इसलिए सड़क सुरक्षा केवल “Road Safety Week” तक सीमित न रहकर नागरिक संस्कृति का हिस्सा बननी चाहिए।
Reform Rajasthan को उम्मीद है कि मीडिया, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे, ताकि उदयपुर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था की ओर बढ़ सके।
यदि आप इस मुद्दे से जुड़े हैं या कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो अपना अनुभव साझा करें – क्योंकि बदलाव आवाज़ उठाने से ही शुरू होता है।
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