अजमेर विद्युत वितरण निगम डिस्कॉम ने पकड़ा उपकरणों में हेराफेरी का मामला, छह सस्पेंड

अजमेर विद्युत वितरण निगम ने प्रतापगढ़ में स्टोर और सब डिवीजन में सामान में हेराफेरी का खुलासा किया है। तीन अफसरों और तीन कर्मचारियों ने सप्लाई फर्म से सांठगांठ कर कनेक्शन देने के काम आने वाली सब स्टेशन सेट में हेराफेरी की एवं खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया। निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इस गम्भीर मामले का जांच में खुलासा हुआ तो सभी को निलंबित कर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। फर्म के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

प्रबंध निदेशक वी एस भाटी के निर्देश पर हुई कार्यवाही

अजमेर विद्युत वितरण निगम ने प्रतापगढ़ में स्टोर और सब डिवीजन में सामान में हेराफेरी का खुलासा किया है। तीन अफसरों और तीन कर्मचारियों ने सप्लाई फर्म से सांठगांठ कर कनेक्शन देने के काम आने वाली सब स्टेशन सेट में हेराफेरी की एवं खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया। निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इस गम्भीर मामले का जांच में खुलासा हुआ तो सभी को निलंबित कर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। फर्म के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक वी.एस. भाटी को 24 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि प्रतापगढ़ में विद्युत कनेक्शन देने के लिए काम आने वाले सामान में स्टोर और सब डिवीजन स्तर पर अनियमितताएं की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रबंध निदेशक श्री भाटी ने तुरंत अधीक्षण अभियंता मुकेश बाल्दी को जांच के आदेश दिए। श्री बाल्दी एवं उप भंडार नियंत्रक मुकुल कुलश्रेष्ठ ने जांच की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
निगम की जांच टीम ने प्रतापगढ़ स्टोर में जांच शुरू की तो पता चला कि 137 सब स्टेशन से भरा ट्रक सप्लाई देने वाली पर्म शान्वी प्लास्टिक प्रोडक्ट जयपुर से चला लेकिन स्टोर में कोई एन्ट्री नहीं मिली। यहां तैनात सहायक भंडार नियंत्रक पी.सी. बुंदेला ने बताया कि ट्रक सीधे ही दलोट और अरनोद उपखंडों के सहायक अभियंता कार्यालयों में खाली करवा लिया गया।

इनमें 50 सेट अरनोद व 87 सेट दलोट में उतारे गए। जांच दल ने मौके पर जाकर देखा तो दोनों ही जगह सामान नही मिले। दलोट में दूसरी फर्म के कुछ सेट मिले लेकिन शान्वी प्लास्टिक के सामान नहीं थे।

जिम्मेदार सहायक अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने बहाना बनाया कि सेट फील्ड में अलॉट कर दिए गए। लेकिन वे जांचकर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर सके। जब दबाव पड़ा तो सहायक नियंत्रक भंडार बुंदेला, कार्यवाहक सहायक अभियंता अरनोद नरेंद्र सिंह व कार्यवाहक सहायक अभियंता दलोट रविशंकर ने 25 अक्टूबर को फर्म से सेट मिलने को बहाना बनाया लेकिन जांच में वे सेट भी दूसरी कंपनी के ही निकले।

फर्म पर होगी एफआईआर, कार्मिक सस्पेंड

जांच में फर्जीवाड़ा साबित होते ही प्रबंध निदेशक वी.एस. भाटी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सहायक भंडार नियंत्रक पी सी बुंदेला, कार्यवाहक सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह,कार्यवाहक सहायक अभियंता रविशंकर, दलोट स्टोर इंचार्ज दुर्गा लाल नागर, तकनीकी सहायक प्रतापगढ़ अभय सिंह राव, तकनीकी सहायक अरनोद मुकेश कसाना को निलंबित कर दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम का विशेष जांच दल यह देखेगा कि इस तरह का फर्जीवाड़ा कबसे चल रहा है। इसके साथ ही स्टोर से आवंटित उपकरणों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। फर्म शान्वी प्लास्टिक जयपुर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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