कोरोना संक्रमण पर संवाद धर्मगुरूओं, राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा लापरवाही की तो सख्त कदम उठाएगी सरकार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना की जीती हुई जंग हम हार नहीं जाएं, इसके लिए जरूरी है कि कोरोना की शुरूआत के समय जो सतर्कता और सजगता हमने बरती उसे हम निरंतर बरकरार रखें।

जयपुर, 19 मार्च। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना की जीती हुई जंग हम हार नहीं जाएं, इसके लिए जरूरी है कि कोरोना की शुरूआत के समय जो सतर्कता और सजगता हमने बरती उसे हम निरंतर बरकरार रखें। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों को चेताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को लापरवाही की इजाजत नहीं है। प्रदेश में मास्क पहनने की अनिवार्यता का कानून लागू है। सभी लोग इसकी पालना आवश्यक रूप से करें। अगर लोग लापरवाही करेंगे तो सरकार और भी सख्त कदम उठाएगी। श्री गहलोत ने कहा कि हमारी सावधानी ही इस चुनौती से निपटने का सबसे कारगर उपाय है। अब तक हमारा कोरोना प्रबंधन पूरे देश में बेमिसाल रहा है। हर वर्ग के सहयोग से राज्य सरकार आगे भी इस जंग को बेहतरीन तरीके से लडे़गी।
श्री गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 को लेकर धर्मगुरूओं, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सोशल एक्टिविस्टों तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जब कोरोना संक्रमण आया तो सभी वर्गों ने आगे बढ़कर इस चुनौती से सामना करने में सहयोग किया। इसी का परिणाम रहा कि राजस्थान कोविड से निपटने में सबसे आगे रहा। यहां रिकवरी दर सबसे अच्छी होने के साथ ही मृत्यु दर काफी कम रही। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। राजस्थान में भी पॉजिटिव केस बढे़ हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण दुनिया के कई देशों और भारत के कई शहरों में तो फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा है। प्रदेश में ऎसी स्थिति नहीं बने और जीवन रक्षा के साथ-साथ हमारी आजीविका सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए जरूरी है कि हम सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनने, हाथ धोने जैसे कोविड अनुशासन की आवश्यक रूप से पालना सुनिश्चित करें। 
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान अब तक वैक्सीनेशन में सबसे आगे रहा है। हमें इस काम को और तेजी से आगे बढ़ाना होगा। हालांकि यह कार्य वैक्सीन की अधिक आपूर्ति से ही संभव हो सकेगा। उन्होंने अपील की कि वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। साथ-साथ लोगों को दूसरी लहर को लेकर भी जागरूक करें, ताकि वे किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतें।  
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी वर्गों को साथ लेकर इस संकट से निपटने की महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उसके अनुरूप कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि इस बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ इसके आर्थिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आमजन को अपने व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड के मामले कम होने के बाद प्रोटोकॉल की पालना में लापरवाही सामने आई है। हमें इस स्थिति से बचना होगा। उन्होंने कहा कि ऎसे प्रयास किए जाना जरूरी हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव रूके और जरूरी गतिविधियां भी बाधित नहीं हों।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक श्री सतीश पूनिया ने कहा कि इस बीमारी से लड़ाई का लंबा अनुभव हमारे साथ है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए हम सभी सरकार के साथ मिलकर प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में कोई कमी नहीं रखेंगे।
उप नेता प्रतिपक्ष श्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आईईसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। उन्होंने गांव-ढाणी तक लोगों को ग्राम सभा के माध्यम से जागरूक करने का सुझाव दिया। साथ ही सैंपलिंग और कॉन्टेक्ट टे्रसिंग भी पहले की तरह ही प्रभावी रूप से हो।
विधायक श्री संयम लोढ़ा, माकपा विधायक श्री बलवान पूनिया, आरएलपी के विधायक श्री पुखराज, सीपीएम की सुमित्रा चौपड़ा, सीपीआई के श्री डीके छंगाणी सहित मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर, खाटूश्यामजी मंदिर, मेहन्दीपुर बालाजी मंदिर, नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर, अजमेर शरीफ दरगाह आदि धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों, सिख, जैन एवं ईसाई समाज के प्रतिनिधियों, सोशल एक्टिविस्ट श्री निखिल डे, श्रीमती सुशीला बोहरा, कविता श्रीवास्तव, डॉ. नरेन्द्र गुप्ता आदि ने भी सुझाव दिए। 
इससे पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या बढ़कर करीब 3 हजार हो गई है। कुछ दिनों से प्रतिदिन पॉजिटिव केसज लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को 402 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। विभाग ने जिला स्तर तक स्वास्थ्य अधिकारियों को सेम्पलिंग बढ़ाने, कान्टेक्ट टे्रसिंग  और मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट करने के निर्देश दिए हैं। 
आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी और वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने संक्रमण के फैलााव के कारणों एवं रोकथाम के संबंध में विचार व्यक्त किए। 
इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया, शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री भवानी सिंह देथा, आयुक्त सूचना जनसम्पर्क श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, विभिन्न धर्मगुरू, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा विभिन्न अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।

Total
0
Shares
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous Post
Lockdown in Rajasthan

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दिए निर्देश, राजस्थान में नाइट कर्फ़्यू व लॉकडाउन अभी नहीं

Next Post

नागपुर में 31 मार्च तक Hard Lockdown; मुंबई में कोरोना पर BMC की नई गाइडलाइंस जारी, कराना होगा एंटीजन टेस्ट, मना करने पर केस दर्ज होगा

Related Posts
An Open Request Letter to Mukesh Ambani

एक पत्र मुकेश अम्बानी के नाम, मेवाड़ के युवा नेता ने ऑक्सिजन उपलब्ध करवाने का किया निवेदन

आशा है इस मुश्किल घड़ी में मुकेश अम्बानी जी इस विषय की गम्भीरता को समझते हुए मेवाड़ की सहायता करे।
Read More
Asymptomatic corona patients can take treatment on prescribed rates by staying in hotels – Health Minister

बिना लक्षणों के कोरोना संक्रमित अब होटलों में रहकर निर्धारित दरों पर करवा सकते हैं उपचार -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ने प्रदेश के उन एसिंप्टोमेटिक (बिना लक्षणों के) कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए होटलों की दरें निर्धारित की हैं, जो निजी कमरों में रहना चाहते हैं। राज्य सरकार ने चयनित अस्पतालों को जरूरी जांच के बाद ऎसे मरीजों को होटल भेजने के लिए अधिकृत किया है।
Read More
No Lockdown in Rajasthan

राजस्थान में लॉकडाउन नहीं, मुख्यमंत्री गहलोत बोले- रोजी-रोटी चलती रहे इसलिए सिर्फ सख्ती करेंगे

गहलोत चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर ओपन वर्चुअल चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली बार कोरोना गांवों में नहीं फैला था, लेकिन अब इससे मरने वालों में 30% गांवों से ही हैं।
Read More
Total
0
Share