मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों में कोविड प्रोटोकॉल की पालना में हुई लापरवाही के कारण कोरोना के केस तेजी से बढ़े हैं। इसे देखते हुए उन्होंने कोविड गाइडलाइन की पालना न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने, नाइट कफ्र्यू का समय बढ़ाने सहित अन्य पाबंदियां पुनः लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉफ्रेंस से कोविड-19 तथा वैक्सीनेशन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अधिक केस सामने आते हैं, वहां जिला कलक्टर राज्य सरकार से परामर्श कर शैक्षणिक संस्थान बंद कराने के संबंध में निर्णय ले सकेंगे।
जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय निकाय की टीम करेगी बाजारों में चैकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कोरोना प्रोटाकॉल का उल्लंघन होता है तो उल्लंघन करने वाले के साथ-साथ संबंधित प्रतिष्ठान संचालक को भी जिम्मेदार माना जाएगा और ऎसे प्रतिष्ठानों को सीज भी किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय निकाय की संयुक्त टीम बाजारों का दौरा कर प्रतिष्ठानों में कोविड प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करें। ये टीमें 14 अप्रेल तक सघन निरीक्षण करेंगी और उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और सीज की कार्यवाही भी कर सकेंगी। साथ ही जिन विवाह स्थलों पर निर्धारित सीमा से अधिक लोग समारोह में एकत्रित होते हैं तो उन विवाह स्थलों के संचालक भी जिम्मेदार होंगे। ऎसे विवाह स्थलों को सीज किया जा सकेगा।
चित्तौड और आबूरोड़ में भी नाइट कफ्र्यू
श्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश के जिन नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11 बजे से नाइट कफ्र्यू लगाया गया है वहां अब रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कफ्र्यू रहेगा। अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा एवं कुशलगढ़ के साथ-साथ अब चित्तौड़गढ़ और आबूरोड़ में भी नाइट कफ्र्यू रहेगा। साथ ही सभी नगरीय क्षेत्रों में अब बाजार रात्रि 10 बजे के स्थान पर एक घंटे पूर्व 9 बजे ही बंद होंगे। आईटी कंपनियों, रेस्टोरेंट, कैमिस्ट शॉप, अनिवार्य एवं आपातकालीन सेवाओं से संबंधित कार्यालय, विवाह संबंधी समारोह, चिकित्सा संस्थान, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्री, माल परिवहन करने वाले वाहन तथा लोडिंग एवं अनलोडिंग के नियोजित व्यक्ति नाइट कफ्र्यू की व्यवस्था से पहले की तरह मुक्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे कोरोना को लेकर अपने-अपने जिले का एक्शन प्लान बनाएं और पॉजिटिविटी रेट, मृत्यु दर, टेस्टिंग आदि की नियमित समीक्षा करें। कांटेक्ट ट्रेसिंग, माइक्रो कंटेनमेंट जोन और टेस्टिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दें। जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों को पुनः प्रभावी बनाएं। इंसीडेंट कमांड सिस्टम को पुनः मजबूत किया जाए। ‘नो मास्क-नो एंट्री’ की सख्ती से पालना हो। टीकाकरण की गति को और बढाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में राजस्थान अब तक आगे रहा है। लेकिन बीते कुछ दिनों से देश के अन्य राज्यों के साथ ही हमारे यहां भी केसेज तेजी से बढ़े हैं। कोराना से जीती हुई जंग कहीं हम हार न जाएं, इसके लिए जरूरी है कि लोग अति-आवश्यक होने पर ही दूसरे राज्यों की यात्रा करें। उन्होंने कहा कि इन कड़े कदमों से लोगों को कुछ तकलीफ हो सकती है लेकिन जीवन रक्षा के लिए ऎसे निर्णय लिया जाना जरूरी है। श्री गहलोत ने कहा कि वैक्सीनेशन कोरोना से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। हमें टीकाकरण पर जोर देना होगा। उन्होंने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द प्राप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे पटवारियों से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए काम पर लौटें। उन्होंने कहा कि सभी पटवारियों ने पूर्व में भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। आशा है कि वे प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए पुनः काम पर लौटेंगे। राज्य सरकार उनकी वाजिब मांगों पर समुचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सख्ती किए जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व में समय से लिए गए निर्णयों के कारण राजस्थान कोरोना के प्रबंधन में सबसे आगे रहा। प्रदेश को संक्रमण से बचाने के लिए सरकार सभी संभव कदम उठाएगी।
प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार ने 21 मार्च को जारी कोरोना गाइडलाइन्स के प्रभावों तथा प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में गाइडलाइन जारी कर उसकी पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति तथा वैक्सीनेशन के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या बढ़कर 8155 हो गई है। केस डबलिंग टाइम भी घटकर 312 दिन हो गया है तथा पॉजिटिविटी रेट 3 से 9 मार्च के सप्ताह में 1.21 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 24 से 30 मार्च के सप्ताह में 3.16 प्रतिशत हो गई है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया, स्वायत्त शासन सचिव श्री भवानी सिंह देथा, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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