ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या वाले धार्मिक स्थल 1 जुलाई से खुल सकेंगे-मुख्यमंत्री

ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या वाले धार्मिक स्थल 1 जुलाई से खुल सकेंगे-मुख्यमंत्री
जयपुर, 28 जून। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन के कारण बंद किए गए ग्रामीण क्षेत्रों के ऎसे धार्मिक एवं उपासना स्थलों, जिनमें सीमित संख्या में श्रद्धालु आते हैं, को 1 जुलाई से खोले जाने की छूट दी है। इन धर्मस्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग सहित कोरोना से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों की पालना करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों से राजस्थान आने वाले व्यक्तियों के लिए 14 दिन के होम क्वारेंटाइन की अनिवार्यता को हटाने के निर्देश भी दिए हैं।  
श्री गहलोत ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण बंद हुए धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटियों के सुझावों के आधार पर शहरों में सभी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े धार्मिक स्थलों को फिलहाल नहीं खोला जाए। उन्होंने कहा कि जीवन की सुरक्षा राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। इसलिए जनहित में अभी ऎसा किया जाना आवश्यक है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में केवल उन्हीं धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 50 या इससे कम लोग आते हैं। इन स्थलों पर एक समय में सीमित संख्या में लोग उपासना, दर्शन अथवा अन्य धार्मिक कार्यों के लिए मौजूद रह सकेंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन और मास्क पहनने आदि हेल्थ प्रोटोकॉल सहित भारत सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों के लिए जारी एसओपी की पालना सुनिश्चित की जाए। 
श्री गहलोत ने कहा कि दूसरे राज्यों से प्रदेश में आने वाले व्यक्तियों के लिए 14 दिन की होम क्वारेंटाइन अवधि की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। लेकिन ऎसे लोग स्वेच्छा से अपनी आवाजाही को सीमित रखें तथा संक्रमण से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं एवं लक्षण होने पर अविलम्ब जांच करवाकर चिकित्सकीय परामर्श लें। 

जागरूकता अभियान अब 7 जुलाई तक चलेगा
मुख्यमंत्री ने 21 से 30 जून तक प्रदेशभर में चलाये जा रहे कोरोना जागरूकता अभियान की अवधि एक सप्ताह तक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव में जागरूकता के महत्व तथा इस अभियान की सफलता को देखते हुए इस अभियान को 7 जुलाई तक बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान से लोग आगे आकर जुड़ रहे हैं, यह अच्छा संकेत है। इसी प्रकार के प्रयासों से ही हम प्रदेश में कोरोना का नियंत्रित कर पा रहे है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग किया जाए। 
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक श्री भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा श्री रोहित कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, प्रमुख सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी श्री अभय कुमार, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

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