यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन के निदेशक ने श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा प्रकट की

यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन ने शिक्षा और कौशल के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने और उसे व्यापक बनाने की इच्छा प्रकट की है। एनएसएफ के निदेशक श्री सेतुरमन पंचनाथन ने पारस्परिक हित वाले क्षेत्रों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एसटीईएम अध्ययनों के लिए भारत की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की।

2022-08-09 15:59:31.677000

श्री प्रधान ने इस बैठक में अपने विचार रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारत की शक्ति उसकी युवा आबादी और ज्ञान के सशक्‍त आधार में निहित है। उन्होंने कहा कि देश भर के विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न संस्थानों में प्रतिभा का खजाना मौजूद है, जो पुष्पित और पल्लवित किए जाने की बाट जोह रहा है। इसलिए एनएसएफ को देश के प्रमुख संस्थानों के अतिरिक्‍त कम विख्‍यात और अब तक प्रतिनिधित्व से वंचित रहे एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के साथ अपनी संबद्धता बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। एनईपी 2020 के अनुसार सृजित किए जा रहे शिक्षा-कौशल की निरंतरता का उल्लेख करते हुए श्री प्रधान ने पॉलिटेक्निक, आईटीआई और सामुदायिक कॉलेजों जैसे संस्थानों तक पहुंच कायम कर कौशल क्षेत्र को इस तरह के सहयोग के दायरे में लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता और जिम्मेदारी है कि सभी युवाओं, चाहे वे मुख्यधारा की शिक्षा में हों या औपचारिक या अनौपचारिक कौशल क्षेत्र में, उनको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के समान अवसर प्राप्त हों, ताकि वे 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

एनएसएफ एक स्वतंत्र संघीय एजेंसी है, जिस पर वैज्ञानिक खोज, तकनीकी नवाचार और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने का दायित्‍व है। 8.8 बिलियन डॉलर के बजट के साथ एनएसएफ गणित, कंप्यूटर विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में संघीय वित्त पोषण का प्रमुख स्रोत है। एनएसएफ के साथ भारत की संबद्धता में छह प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब) शामिल हैं, जिसके अंतर्गत आईआईटी, आईआईएससी बेंगलुरु जैसे 8 संस्थान और 30 परियोजनाओं तथा साइबर सुरक्षा पर आधारित कुछ परियोजनाओं में सहयोग कर रहे अन्य संस्थान हैं। एनएसएफ के निदेशक इन संबद्धताओं को संवर्धित करने की संभावनाओं की तलाश करने के लिए भारत में हैं।

भारत की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए श्री पंचनाथन ने कहा कि भारत की ही तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की समावेशिता और पहुंच अमेरिकी सरकार की भी प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कौशल में शामिल संस्‍थानों सहित प्रतिनिधित्व से वंचित रहे संस्थानों के साथ सहयोग के लिए एनएसएफ उन तक पहुंच बनाएगा, ताकि उन संस्‍थानों की प्रतिभाओं को भी निखारा जा सके।

श्री प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय से एआईसीटीई के नेतृत्व में एनएसएफ के साथ संबद्धता बढ़ाने की रूपरेखा तैयार करने और साथ ही इस संबंध में अन्य संबंधित मंत्रालयों से भी परामर्श करने को कहा है।

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शिक्षा मंत्रालय ने एनसीएफ के अंतर्गत पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे के पुनर्गठन के लिए जानकारियां लेने के उद्देश्य से अंतर मंत्रालयी बैठक आयोजित की

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