जयपुर, 26 मार्च। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूरे प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, सभी जरूरतमंदाें और आम लोगों तक आवश्यक सामग्री की आपूर्ति का ऎसा प्रबंध सुनिश्चित करें कि राजस्थान देश में एक मिसाल बने। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को भोजन की कमी नहीं होने देने के राज्य सरकार के संकल्प में सभी लोगों को भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
श्री गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में गठित कोर ग्रुप के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर रहे थे।
लोग संक्रमण की गंभीरता को समझें, घरों में रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग इस बात को समझें कि कोरोना एक खतरनाक संक्रमण है और केवल घरों में रहकर सामाजिक दूरी बनाकर ही इस संक्रमण को रोका जा सकता है। अब तक राजस्थान में 43 लोग इस बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। लाखों लोगों की जिंदगी को संक्रमण और इससे संभावित जीवन की हानि से बचाने के लिए ही लॉकडाउन किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी तरह से पालना नहीं होने पर प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को घातक बीमारी से संक्रमित होने से रोकने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकता होने पर सख्ती करने के निर्देश दिए।
संकटकाल में लोगों की भूख मिटाने में भागीदार बनें
श्री गहलोत ने कहा कि हर परिवार को स्वेच्छा से दो व्यक्तियों का अतिरिक्त खाना बनाकर उपलब्ध कराना चाहिए। ऎसा करके हम इस संकटकाल में लाखों लोगों की भूख मिटाने में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी लॉकडाउन के दौरान गांवों में हर घर तक राशन और भोजन सामग्री पहुंचाने के लिए समुचित व्यवस्था करने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी बेघरों, मजदूरों, थड़ी-ठेले पर सामान बेचने वालों और निराश्रितों को भोजन सामग्री या खाना मिलने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, ताकि आमजन को इन वस्तुओं के लिए अपने घर से नहीं निकलना पड़े।
एक-दो दिन में पूरी तैयारी कर व्यवस्था सुचारू करें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रसद विभाग के अधिकारियों, स्थानीय राशन तथा घरेलू सामग्री विक्रेताओं और होम डिलीवरी सेवाऎं देने वाली कम्पनियों के साथ समन्वय कर सभी आवश्यक वस्तुओं की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सुचारू रूप से स्थापित करने के लिए एक-दो दिन का समय लग सकता है, जिसके लिए पूरी तैयारी की जाए और यदि आवश्यकता हो, तो इससे जुडे़ लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए।
प्रवासी राजस्थानियों के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री से संपर्क किया
मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी से संपर्क कर प्रवासी राजस्थानियों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव ने लॉकडाउन के चलते विभिन्न राज्यों के बीच हो रहे प्रवासियों के आवागमन को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए हैं। ऎसे में, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली आदि राज्यों के बीच गरीब और मजदूर तबके के उन लोगों का आवागमन रूक जाएगा, जो अपने घर जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की स्थिति में यह आवागमन उचित भी नहीं है। इसलिए जो व्यक्ति जहां है, वहीं पर संबंधित राज्य सरकार उसके लिए भोजन-पानी तथा चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
वीडियो कांन्फ्रेंस के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक डॉ. भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री राजेश्वर सिंह, प्रमुख शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री अखिल अरोरा, शासन सचिव नागरिक आपूर्ति एवं आपदा राहत श्री सिद्धार्थ महाजन तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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