निजी अस्पतालों के लिए जांच और बेड की दरें तयकोरोना के इलाज में अधिक वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई – मुख्यमंत्री
जयपुर, 19 जून। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी से लड़ने के क्रम में प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए राजस्थान के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के बिल को नियत्रिंत करने का संवेदनशील निर्णय लिया है। प्रदेश में निजी लैब कोरोना टेस्ट के लिए 2200 रूपये प्रति जांच तथा अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए भर्ती मरीजों के लिए सामान्य बेड का किराया 2000 रूपये प्रतिदिन और वेन्टीलेटर सहित आईसीयू बेड का 4000 रूपये प्रतिदिन से अधिक चार्ज नहीं ले सकेंगे।
श्री गहलोत ने कोरोना संक्रमण की स्थिति पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर दो घंटे से ज्यादा समय तक हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों से अधिक बिल की वसूली ना हो। इसके लिए महामारी अधिनियम सहित अन्य प्रावधानों के तहत आदेश जारी किए जाएं और उनकी सख्ती से पालना हो। उन्होंने कहा कि मरीजों से अधिक पैसा वसूलने वाले अस्पताल या लैब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वर्चुअल कॉन्फ्रंेस के जरिये पंचायत तक लॉन्च होगा जागरूकता अभियानमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए 21 जून से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान को सही रूप में जनता का अभियान बनाया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर प्रदेशवासी अपनी और अपनों की सेहत के प्रति सर्तक रहे। 22 जून को अभियान का डिजिटल लॉन्च होगा, जिसमें प्रदेश भर के पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियांे और प्राधिकारियों सहित लगभग 1 लाख लोग वर्चुअल कॉन्फ्रंेस के माध्यम से जुड़ेंगे। जिलों के प्रभारी मंत्री और सचिव भी जिला मुख्यालयों पर मौजूद रहकर अभियान में शामिल होंगे।
हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना में बरती लापरवाही पड़ सकती है महंगी श्री गहलोत ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आमजन को यह संदेश देना है कि राज्य सरकार ने कोविड-19 के लिए जांच, मरीजों के इलाज, सदिंग्ध संक्रमितों के क्वारेंटाइन की पुख्ता व्यवस्था कर ली है, लेकिन इस महामारी से बचाव के लिए जनता को खुद अपना ध्यान रखना होगा। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी कोरोना संक्रमण का खतरा टला नहीं है। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाने, साबुन से हाथ धोने जैसे हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना में बरती गई लापरवाही महंगी पड़ सकती है।
प्रभारी मंत्री जिला स्तर पर करेंगे समीक्षा बैठकेंमुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता अभियान के लिए जिलों के दौरे के दौरान प्रभारी मंत्री जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ कोरोना के संक्रमण की स्थिति के साथ-साथ गैर-कोविड बीमारियों की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, मनरेगा कार्योें, टिड्टी नियंत्रण अभियान आदि की समीक्षा करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि मंत्रियों के जिलों के भ्रमण के समय स्थानीय स्तर पर भीड़ नहीं जुटाने, सोशल डिस्टेसिंग तथा मास्क पहनने की अनिवार्यता की सख्ती से पालना की जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के दौरान कोविड-19 के लिए हेल्थ प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, अति. मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक श्री भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा श्री रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री अभय कुमार, शासन सचिव सार्वजनिक वितरण श्री सिद्धार्थ महाजन तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।—–
Related Posts
देश की पहली नेत्रहीन महिला आईएएस प्रांजल बनीं तिरुवनंतपुरम की सब कलेक्टर
मुम्बई। देश की पहली नेत्रहीन महिला आईएएस अफसर प्रांजल पाटिल ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम में सब कलेक्टर के…
New Recoveries exceed New Cases continuously from last 5 weeks
Less than 50,000 new cases have been reported in the country in the last 24 hours whereas the daily new recoveries have exceeded 54,000. India is reporting new recoveries more than the daily new cases successively for the last five weeks now.
पीएम मोदी देंगे बीकानेर को बड़ी सौगात,वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 12 मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण…